तेरी मेरी परछाई
खवाबों में कुछ खयाल बुने जिसमें
शामिल थे मै और मेरी तन्हाई
आधे अधूरे से उन खवाबों में जाने
क्यू नजर आई तेरी मेरी परछाई
ढूँढने लगी दिन वो अतीत के
जिसने पींग प्यार की डलवाई
बन हमसफर साथ तेरे चली मै
अपने आप से ही मै सकुचाई
दिन थे हसीन चारों तरफ बहार
उतर गई ओढनी और मै शरमाई
दोनों हाथों में थाम चुननर देखा
मिली नजरें जैसे ही चली पुरवाई
दिल ने बात की बढ गई धड़कने
डर गई हो ना जाए जगहसांई
सिमट गई अपने आप में ही
बैठ गया दिल हो ना जाए रुसवाई
थाम हाथों में हाथ पाई दहलीज नई
मिला साथ तेरा मिली मंजिल नई
नए गीत नए रिश्ते हर बात नई
तेरे मेरे मन में बज रही थी शहनाई
बहुत अच्छा शब्द चुना--चुननर----दोनों हाथों में थाम चुननर देखा---
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