देश प्रेम
देश प्रेम सीमित नहीं होता
देश की आजादी तक
ये चलता रहता है
हर एक को इन्साफ मिलने तक
देश प्रेम निहित नहीं होता
देश प्रेम के सपनों तक
ये चलता रहता है
हर एक के सपने साकार होने तक
देश प्रेम प्रतीत नहीं होता
कुछ हाथों में सत्ता होने से
संघर्ष चलता रहता है
सबके सत्ता में शामिल होने तक
देश प्रेमी खुश नहीं होता
कुछ लोगों के खुश होने पर
वो इन्तजार करता है
सबका खुशियों में शामिल होने तक
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